100+ Best 2 Line Shayari Life| दो लाईन लाइफ शायरी।

दोस्तों हमारी जिन्दगी में हर दिन एक नया अध्याय जड़ता रहता है, जिसमे कभी खशी तो कभी उदासी  जैसे पहलू भी हमे जिन्दगी के बारे में एक खूबसूरत अहसास कराते रहते हैं, हम हर दिन छोटे छोटे पलों से अपने लिए एक बेहतरीन ख़ुशी का अनुभव पाने की कोशिस करते रहते हैं, जीवन के इसी सफर में कभी अँधेरे तो कभी उजालों से मुलाक़ात हो ही जाती है, दर्द के मंजर के साथ-साथ खुशिया का सुनहरा कल भी हमारा इन्तजार कर रहा होता है।

जब इंसान के जिन्दगी के अनुभवों के अहसास बनकर दिल गहराइयों से जुबां पर आते हैं तब 2 Line Shayari Life जैसी खूबसूरत शायरी बन जाती है इस प्रकार की शायरी जिन्दगी के उन अनुभवों को साझा करते हैं जिन्हें हमने महसूस किया है ।

ख़ुशी और गम जैसे अनुभवों से हर इंसान को उसके जीवन की असली समझ से अनुभव मिलता है, हम कितनी भी कोशिस करले फिर भी उतार चढ़ाव के इन पलों से अपने आप को अलग नहीं कर सकते हैं।

हर कदम जिन्दगी सिखाती है नए सबक
इसके मसलों से बचके रह पाओगे कब तलक
जबतक समझने की कोशिश तुम करते रहोगे
तबतक जिन्दगी सिखा जायेगी और नए सबक।

ज़िंदगी के राज छुपे हैं बस रोने मुस्कुराने में
उम्र यूं ही उम्र बीत जाएगी इनको छिपाने में
दर्द की दवा से इक जख्म भर जाते अगर
लोग परहेज क्यों करते इन्हें दिखाने में।

हर एक मसले इसके हल नहीं होते
बिखर के साज फिर गजल नहीं होते
यूं ही सिकायत अगर रहती समंदर से
तो फिर कीचड़ में कमल नहीं होते ।

कई राज छिपे हैं जिन्दगी के किताब में
सवाल अक्सर निकल आतें हैं जबाब में
हम चाह कर भी सब बदल नहीं सकते
टहनी के काटों को एक महकते गुलाब में।

चल पड़े हैं मुकम्मल जहाँ की तलास में
रास्ते हैं कि हर मोड़ पर छोड़ जाते हैं
मुसाफिर को मजिल की चाह खींच लाती है
बंधन हम अपनों के अक्सर तोड़ आते हैं ।।

कुछ ख़ास हैं जो रिश्तों को निभाने आये थे
मशगूल थे तो वो आइना दिखाने आये थे
हमने अब तक जो न सीखा था जिन्दगी से
वही सबक वो फिर हमको सिखाने आये थे।।

मुश्किलों से लड़ कर टूट जाने के बाद
हिसाब रखने लगा हूँ लूट जाने के बाद
कोई है जो अब भी मेरी फ़िक्र करता है
ये चाहत कैसी साथ छूट जाने के बाद ।।

संभल पाया नहीं हूं टूट जाने के बाद
दर्द बढ़ता रहा है मुस्कुराने के बाद
आइने में उम्र का तजुर्बा दिखता नहीं
फिर फिर भी ए आता है जमाने के बाद।

इक खुली किताब है जिन्दगी मेरी
कुछ भी छिपाने को अब रहा नहीं है
कौन कहता है मुझमे हौसला नहीं है
कोई दर्द नहीं ऐसा जिसे सहा नहीं है।

जिन्दगी ने घबरा के मेरा हाल पूँछ लिया
मैंने भी इक उलझा हुआ सवाल पूँछ लिया
कबतक यूं ही मुझपर महरबान रहेगी तू
मुझसे से मुसाफिर का मेहमान रहेगी तू।

दर्द का अहसास भी कराती है जिन्दगी
कभी हंसीं कभी उदास कराती है जिन्दगी
मै जब भी तनहाइयों से बाते करता हूँ
मेरे इस हालत पर मुस्कुराती है जिन्दगी।

जिन्दगी का सफर काटने को चल पड़ा हूँ
अकेला ही सही फिर भी निकल पड़ा हूँ
जिस मोड़ से अबतक हजारों लोग हैं गुजरें
आकर उसी मोड़ पर तन्हा सा खड़ा हूँ ।।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top